राष्ट्रीय चेतना व लोक कल्याणकारी भावना के साथ बेबस लाचार की आवाज उठाना ही सच्ची पत्रकारिता है - प्रो.बलदेव भाई शर्मा
वाचंस्पति इंडिया न्यूज
अखिलेश मिश्र "बागी" मीरजापुर
मीरजापुर शहर के लालडिग्गी स्थित लायंस स्कूल के सभागार में मीरजापुर प्रेस क्लब ट्रस्ट के द्वारा 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह का आयोजन किया गया जिसमे उपस्थित प्रबुद्ध समाज को संबोधित करते हुए कुलपति ,प्रो. बलदेव भाई शर्मा (कुलपति कुशा भाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ ) ने कहा कि पत्रकारिता बुद्धि का खेल नहीं है । इसमें लिखने, पढ़ने और कुछ करने का जुनून ही समाज में विकास पथ का मार्ग प्रशस्त करता है, आज हर तरफ से हताश और निराश मानव मीडिया के पास विश्वसनीयता के चलते ही अपनी गुहार लेकर आता है। जिस पर मीडिया सत्य के साथ अपना काम करती हैं। कहा कि विश्वसनीयता ही पत्रकारिता की आत्मा हैं।
कहा कि हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत पंडित जुगल किशोर ने किया । उस वक्त अलग तरह की चुनौतिया थी। चुनौती तो हर दौर में रही है। उसका स्वरूप अवश्य बदल गया है। पत्रकारिता के क्षेत्र में सजगता, निर्भिकता, सत्यता और मनुष्यता का बोध आवश्यक है । अगर यह नहीं हैं, तो वह पत्रकारिता नहीं है। अच्छे पत्रकार के लिए पहले जरूरी है कि वह अच्छा इंसान बने। दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय गया के डॉ. आतिश पाराशर ने कहा कि बदलते दौर के साथ मानव के पास धैर्य की कमी होती जा रही हैं। एक दौर था जब लोग पानी के रास्ते जहाज से सफर करते थे। उस दौरान ध्रुव तारा से दिशा का ज्ञान प्राप्त करते थे,अखबार का संपादकीय पेज पढ़ने की फुर्सत नहीं है लोगों के पास। आज गूगल के सहारे हर जानकारी ली जा रही है, पत्रकारों से कलम को छीनकर मोबाइल पकड़ा दिया गया है। नई पीढ़ी एक नई बीमारी से ग्रसित हो गई है। बताया कि 18 से 24 वर्ष के 3.5 मिलियन युवा इस बीमारी की चपेट में हैं। जो ज्यादा समय मोबाइल में लगे रहते हुए। जो पढ़ना, समझना नहीं केवल देखना चाहते है। जो मन और विचार को सकारामक सोच की ओर ले जाने के बजाय नकारात्मक दिशा की ओर ही ढकेल रहा है। गोष्ठी में पदमश्री उर्मिला श्रीवास्तव, मां विंध्यवासनी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. आर. बी.कमल, कवि गणेश गंभीर, प्रो. डा.रमेश चन्द्र ओझा, कवि लल्लु तिवारी आदि ने विचार व्यक्त किया। नव चयनित अध्यक्ष पवन तिवारी एवं सचिव संतोष गुप्ता ने कार्यभार ग्रहण किया,कार्यक्रम का शुरुआत मां सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया गया। राजेश मिश्र ने अतिथियों को अंग वस्त्रम एवं माता विंध्यवासिनी का चित्र भेंट किया। अतिथियों के परिचय पत्र का वाचन नितिन अवस्थी एवं समर चन्द शर्मा ने किया। कार्यक्रम संयोजक अमरेश मिश्र ने विषय परिवर्तन किया। अतिथियों का स्वागत आकाश दुबे एवं राजेश मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया,कार्यक्रम का कुशल संचालन अनुज श्रीवास्तव ने किया।
कार्यक्रम में राजेश सिंह, इंद्रजीत शुक्ला,राकेश द्विवेदी, मनोज शुक्ला, आकाश दुबे, , राजकुमार उपाध्याय, अंशुल मिश्र, पद्माकर मिश्र, प्रमोद सिंह, समीर वर्मा, जेपी पटेल, अखिलेश मिश्र, दीपक मिश्र, भास्कर भट्ट, महेंद्र पाण्डेय, चन्द्र लोचन गुप्ता, अंशुमाली मिश्रा , प्रवीण दुबे , रविंद्र जायसवाल, रजनीकांत राय,अनील गुप्ता ,संजय सिंह, रामगोपाल वर्मा, रविंद्र भट्ट सहित आदि प्रमुख रुप से उपस्थित थे।

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