सीएचसी खैराबाद में लिखी जा रही बाहर की दवा
डीएम के निर्देश के बाद भी निःशुल्क उपचार का दावा हुआ फेल ।
वाचस्पति इंडिया न्यूज
बिन्दू मौर्या सीतापुर
खैराबाद सीतापुर। सीएचसी खैराबाद में निःशुल्क इलाज का दावा हुआ फेल। डीएम ने पिछले दिनों चिकित्सकों को बाहर की दवा न लिखने को लेकर सख्त निर्देश दिया था। उसके बाद भी चिकित्सकों की मनमानी जारी है रोगियों को बाहर से महंगे दामों पर दवा खरीदने को विवश होना पड़ रहा है जिससे रोगी व तीमारदार कॉफी परेशान है ।
ताजा मामला मां व बच्चों को लिखी जा रही बाहर की दवा । शाकिया को शरीर में दर्द वह सूजन थी दिखाने डॉक्टर निलेश कुमार वर्मा को दिखाएं कुछ दवाई अंदर से और डॉक्टर पर्ची पर दवा लिखकर दिया कहा बाहर से ले लेना ।
एलिजा को खांसी आ रही थी उनको भी दिखाया उनकी भी दवाई बाहर की लिख दी । आमरा फातिमा का कान बह रहा था । और दिखाया उनके भी दवा बाहर से लिखा
। मुबारकपुर से मोना को बुखार,कमजोरी बीपी लो की शिकायत थी । पर्ची पर लिखकर दवा दी कहा गया बाहर की दवा जरूरी है उसे ले लेना ।
नेवादा से पंखुड़ी को सर दर्द की शिकायत थी । उन्हें भी बाहर की दवा लिखी गई ।
कुछ लोग यह भी कहते दिखे कि जो दवाएं बाहर से लिखी जाती हैं उस पर डॉक्टरों को अच्छा खासा कमीशन मिलता है। इसी के साथ ही इस तरह के डॉक्टरों के कमीशन की सेटिंग पैथोलॉजी सेंटरों से भी होती है ।जहां वह किसी भी मरीज को सिर्फ जांच के नाम पर टेस्टिंग करने के नाम पर र उसकी जेब खाली करवा देते हैं । जो मरीज पहले से ही दुखी है उसको और भी दुखी बनाने में ऐसे डॉक्टरों का बहुत बड़ा रोल होता है। शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है




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