जाम के झाम से कराहता जौनपुर शहर प्रशासन बेखबर
वाचस्पति इंडिया न्यूज़
जौनपुर से ब्यूरो चीफ सतीश चन्द्र शुक्ल सत्पथी की खास रिपोर्ट
जौनपुर । यूं तो जौनपुर नगर और आसपास के बाहरी इलाके जाम के झाम का दंश निरंतर झेल रहे हैं पुलिस और जिला प्रशासन के पास जाम की समस्या से निजात पाने के लिए अब तक कोई गंभीर प्रशासनिक प्रयास नहीं किए गए जिससे आए दिन जनता जनार्दन को फजीहत का सामना करते देखा जा रहा है लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के रखरखाव एवं मरम्मत की जिम्मेदारी भी ना- काफी साबित हो रही है बता दे की रिवर व्यू होटल से सिपाह होते हुए गाजीपुर जाना हो या फिर जौनपुर से आजमगढ़ के लिए यात्रा करनी हो दोनों सड़कों का जगह-जगह गड्ढे में तब्दील होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण पहलू नजर आ रहा है उक्त दोनों मार्ग पर तमाम ईंट भट्ठा संचालित हैं भट्ठामालिकों से क्षेत्राधिकारी नगर और क्षेत्राधिकारी केराकत तथा उप जिलाधिकारी केराकत एवं सदर एक अभियान चलाकर आवश्यक बैठक करके सड़कों को भट्ठा मालिको के सहयोग से समतलीकरण राबिस आदि गिरवा कर तो करवा ही सकते हैं लेकिन शासकीय कार्य की व्यवस्तताओं और अनचाही मानसिकता निरंतर सामने आती रही है जिसके चलते सड़के गड्ढे में तब्दील होती जा रही है
जौनपुर आजमगढ़ मार्ग में अब तक बिथार के पास टर्निंग पॉइंट पर कम से कम 150 लोग अपनी जान गवां बैठे है लेकिन तेज गति से चलती गाड़ियों के लिए कोई रूट डायवर्जन या यातायात नियमावली नहीं है जिससे आए दिन रीवर ब्यू होटल से नीचे से लेकर केराकत और महमदपुर आजमगढ़ तक लगभग इन सड़कों पर कोई न कोई बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती है जिसके लिए जिला / पुलिस प्रशासन के पास यातायात नियमावली में संशोधन संबंधी प्रयास की गुंजाइश लगभग समाप्त प्राय हो चुकी है देखा जाए तो वर्तमान जिलाधिकारी सूचनाओं के आधार पर भी जनपद के सर्वांगीण विकास पर अपनी पैनी नजर रखते आए हैं लेकिन सवाल यह है कि लोक निर्माण विभाग यदि बिथार टर्निंग पॉइंट पर कुछ स्पीड ब्रेकरों का निर्माण करा देता तो घटनाओं को समय रहते घटित होने से पहले रोका तो जा सकता है दूसरी समस्या जनपद में वाहन स्वामियों द्वारा गलत हार्न और प्रेशर हार्न बजाकर मनमानी यातायात नियमावली का उल्लंघन किया जाता है जो विधि विरुद्ध है हमारे संवाददाता ने गहन पड़ताल करने के बाद यह पाया कि लोक निर्माण विभाग की हीलाहवाली से सड़कों का जिर्णोद्धार हो नहीं पा रहा है जिससे दुर्घटनाएं होना आम बात है लेकिन पीपीपी मॉडल को यदि अपना कर हमारे दोनों अधिकारी सहयोगात्मक भाव से अगर काम करेंगे तो निश्चित ही परिणाम सुंदर और स्पष्ट दिखाई देने लगेगा
रिपोर्ट सतीश चन्द्र शुक्ल सत्पथी जौनपुर
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इस दिशा में अनेकों बार समाचार पत्रों में तमाम आलोचना तारीफ छपती रहती है लेकिन जिला प्रशासन एवं जिला एवं पुलिस प्रशासन कान में तेल डाले पड़ा हुआ है जौनपुर के प्रमुख समाजसेवी एवं उद्योग जगत से जुड़े राजकुमार त्रिपाठी का मानना है की जिला प्रशासन के पास असीम शक्तियां होती हैं शक्तियों का प्रयोग अगर उच्च अधिकारी मनोयोग से सहयोग भाव से करेंगे तो सेंण्टपैट्रिक स्कूल के पास आए दिन लगने वाले जाम और जनपद के अंदर की स्थिति को यातायात नियमावली में जिला एवं पुलिस प्रशासन अपने विवेक से संशोधन करके रूट डायवर्जन के प्राविधानों को लागू कराने के साथ गाड़ियों के लिए परिचालन संबंधी एक रूट निर्धारित किया जाए जिससे शहर के अंदर या बाहर की सीमाओं में लगने वाले जाम से निजात पाया जा सकता है लेकिन तमाम व्यवस्थाओं बाद भी जिला एवं पुलिस के अधिकारी अपने दायित्वों के निर्वहन में मुस्तैद दिखते हैं लेकिन परिपक्व रूपरेखा और सही दिशा निर्देशों के अभाव में यातायात व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है जाम के लिए एक बढ़िया रोड मैप तैयार किए जाने की जरूरत है जिससे जनता तथा समाजसेवी संगठनों को आगे आकर प्रशासन की मदद करना चाहिए और जनपद को एक बेहतर यातायात नियमावली जारी की जाए ताकि जनपद वासियों का भला हो सके यह बात दीगर है कि हमारे जनप्रतिनिधि विधायक सांसद या मंत्री ही क्यों ना हो इस दिशा में कभी भी किसी ने सार्थक पहल करने की जहमत नहीं उठाया जिससे यह जनपद जाम के झाम से निरंतर कराहता रहा है बेहतर होगा कि जाम की समस्या को फौरी तौर पर गंभीरता से लिया जाये जिसमें हाईवे पर आये दिन होने वाली दुर्घटना को रोकने हेतु कारगर दृष्टि कोण समावेशित किये जायें ।



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