महामहिम राज्यपाल ने केन्द्र व प्रदेश सरकार की संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई।
वाचस्पति इंडिया न्यूज
शरद कपूर बिन्दू मौर्या
सीतापुर उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एन0आई0सी0 कक्ष में केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान मा0 राज्यपाल ने निर्देश दिये कि कार्यक्रमों एवं योजनाओं का पूर्ण लाभ पात्रों को मिले, यह सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि संचालित योजनाओं की नियमित रूप से समीक्षा कर यह भी देखा जाये कि वास्तव में योजना के माध्यम से लाभार्थी के जीवन में क्या परिवर्तन आया है, जिससे योजना को और अधिक प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
मा राज्यपाल ने निर्देश दिये कि बाढ़ प्रभावित गांवों को जोड़ने वाले सम्पर्क मार्गों का उच्चीकरण कराया जाये, जिससे बाढ़ की स्थिति में भी गांव से सम्पर्क बना रहे। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण लिंग जांच पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित किये जाने हेतु अभियान चलाकर अल्ट्रासाउण्ड केन्द्रों की आकस्मिक जांच करायी जाये। उन्होंने कहा कि मा प्रधानमंत्री की मंशा है कि लोगों को अच्छी दवाएं कम कीमत में उपलब्ध हों, इसलिये जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से दवाओं की बिक्री को प्रोत्साहित किया जाये। होम्योपैथिक दवाओं का वितरण एवं प्रयोग बढ़ाये जाने हेतु भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान चलाकर सभी पात्रों का आयुष्मान कार्ड जारी कराया जाये।
शतप्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने तथा प्राइवेट चिकित्सालयों में हुये प्रसव की रिपोर्ट समय से संकलित कराये जाने के भी निर्देश दिये। जन्म प्रमाण-पत्र हेतु व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाये जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि टी0बी0 मरीजों को समय से दवाइयां, पोषण किट एवं अन्य देय लाभ उपलब्ध कराये जायें तथा निर्धारित समयावधि बाद पुनः जांच भी करायी जाये, जिससे यह पुष्टि हो सके कि वह पूरी तरीके से ठीक हो गये हैं।
सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्री-स्कूल किट की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश भी राज्यपाल ने दिये। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का ड्राप-आउट न हो, यह सुनिश्चित किया जाये। पी0एम0 श्री योजनान्तर्गत चयनित परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में हुये सुधार हेतु सर्वे कराये जाने के भी निर्देश दिये, जिससे योजना की सफलता का आंकलन किया जा सके। आर0टी0ई0 योजना का लाभ पात्र बच्चों को दिलाये जाने हेतु व्यापक स्तर पर कार्यवाही के निर्देश दिये। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुये मा राज्यपाल ने कहा कि बच्चों को शंकुतला मिश्रा विश्वविद्यालय के विषय में जानकारी दी जाये, जहां उच्च गुणवत्ता की शिक्षा हेतु प्रबंध है तथा दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु व्यवस्थाएं है।
मा राज्यपाल ने निर्देश दिये कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत ‘‘हर घर जल‘‘ ग्रामों की संख्या बढ़ायी जाये। विशेष अभियान चलाकर शतप्रतिशत पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से संतृप्त किये जाने के निर्देश भी दिये। नहरों के निकट स्थित तालाबों को नहर से जोड़कर उसमें अनवरत जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु भी निर्देशित किया। पी0एम0 स्ट्रीट वेण्डर योजना एवं पी0एम0 सूर्यघर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिये, जिससे अधिक से अधिक पात्र इससे लाभान्वित हो सकें।
बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित किये जाने के उद्देश्य से विद्यालयों में शिक्षाप्रद कहानियों की पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश मा राज्यपाल ने दिये। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रार्थना सभा के बाद कहानियां सुनानें का भी कार्यक्रम शुरू किया जाये, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो। विषयों का चयन कराते हुये व्यापक स्तर पर निबंध, वाद विवाद, गीत आदि की प्रतियोगिताएं भी आयोजित करायी जायें। जन सहयोग से समाज को आगे बढ़ाने वाले कार्यों को व्यापक स्तर पर संचालित किये जाने हेतु भी मा राज्यपाल ने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सांसद निधि एवं विधायक निधि के माध्यम से भी व्यापक कार्ययोजना बनाते हुये जनोपयोगी कार्य कराये जायें। जनपद में मंदाकिनी एवं सरायन नदी को पुनर्जीवित किये जाने हेतु किये गये नवाचार कार्यों की भी राज्यपाल ने प्रशंसा की।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति का विवरण, नवाचार कार्य तथा जनपद की उपलब्धियां राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत कीं तथा उन्हें आश्वस्त किया कि बैठक के दौरान दिये गये निर्देशों का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी निधि बंसल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


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