संत रविदास जयंती विचार गोष्ठी हुई
वाचस्पति इंडिया न्यूज़
मनोज कुमार पांडेय, आजमगढ़
फूलपुर, आजमगढ़।। रामलीला मैदान फूलपुर श्री राम शाखा पर आज माघ पूर्णिमा को संत रविदास जयंती विचार गोष्ठी सम्पन्न हुई। उपस्थित लोगों ने भक्त रविदास जी के चित्र पर श्रद्धा से माल्यार्पण कर पुष्पार्चन धूप-दीपार्चन किया। विचार व्यक्त करते शैलेन्द्र प्रजापति, राधेश्याम अग्रहरि, सच्चिदानंद बरनवाल, अनिल गुप्त, पुज्य केशवनाथ, अरविन्द कुमार जी ने भक्त कवि रविदास जी प्रसिद्ध भजन "प्रभुजी तुम चंदन हम पानी,जाकी अंग अंग बांस समानी" गवाकर कहा कि निष्काम कर्मयोग, भक्ति योग, संन्यास योग युक्त, सिद्ध गृहस्थ संत शिरोमणि भक्त महात्मा " रविदास जी "थे।
इनका जन्म संवत् १३३७ माघ पूर्णिमा को "सीर गोवर्धन "(काशी) वाराणसी में हुआ था। सनातन संस्कृति परम्परा रामानंद सम्प्रदाय के सगुण भक्ति के संवाहक सिद्ध संत थे।ये रुढ़ि कुरीतियों, छूआ-छूत,ऊंच-नीच भेद भाव के प्रबल विरोधी व समाज सुधारक थे। ये मन की निर्मलता, पवित्रता,एकाग्रता से परमात्मा की प्राप्ति को सार्थक कर "मन चंगा तो कठौती में गंगा " सिद्ध सिद्धान्त चरितार्थ किए। भक्त "मीरा बाई"जैसी श्री कृष्ण भक्ति में लीन इनकी सुप्रसिद्ध शिष्या थीं। इनकी सुप्रसिद्ध रचनाएं गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित हैं। आशीर्वचन केशवनाथ जी दिये।इस कार्यक्रम में अमन सोनकर, सत्यमसोनकर, अभिषेक चौरसिया आदि थे। प्रार्थना पश्चात प्रसाद मिष्ठान वितरण किया गया।




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