HARI OM SINGH
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वृद्धावस्था पेंशन वितरण के दौरान इस योजना के कुछ लाभर्थियों से रूबरू हुए थे। इसी दौरान वह हाथरस की शांति देवी से भी बातचीत की थी। सीएम योगी ने उनसे पूछा कि पेंशन का पैसा पाकर उनको कैसा लग रहा है? शांति ने पूरे संतोषभाव के साथ जवाब दिया कि पैसा मिल गया है, तो किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा। उस कार्यक्रम के दौरान सोनभद्र की बसंती और सुल्तानपुर के मनीराम के भाव भी कुछ ऐसे ही थे,यह तो कुछ चंद उदाहरण हैं। पेंशन पाने वाले अधिकांश लोगों के मनोभाव इसी तरह के हैं। उत्तर प्रदेश में पेंशन योजनाओं से लाभांवित होने वालों की संख्या लगभग 93 लाख है। बात सिर्फ वृद्धावस्था पेंशन की नहीं, निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगजन और वरिष्ठ ट्रांसजेंडर भी सरकार के लिए कुछ इसी तरह सोचते हैं,दरअसल, अपनी जरूरतों के लिए किसी के आगे हाथ फैलाना सबसे मुश्किल काम है। एक स्वाभिमानी व्यक्ति के लिए तो और भी। एक आम बुजुर्ग के लिए यह आम बात है। उम्र की मजबूरी और अपनी छोटी-मोटी हर जरूरत के लिए वह अपने घर-परिवार पर निर्भर हो जाता है। अगर इन छोटी-मोटी जरूरतों में कोई मददगार बन जाए तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहता। हर पात्र बुजुर्ग को वृद्धावस्था पेंशन से आच्छादित कर यही खुशी सरकार देना चाहती है। दे भी रही है। आंकड़े इस बात के प्रमाण हैं।

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