JAY CHAND
वाराणसी
रोप-वे के लिए शासन स्तर से 200 करोड़ के बजट को मंजूरी मिल गई है। इसकी पहली किस्त जनवरी के पहले सप्ताह में मिलने की उम्मीद है। इसी माह जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे का निर्माण प्रस्तावित है। कैंट रेलवे स्टेशन परिसर में इसका पहला और गोदौलिया चौराहे पर अंतिम स्टेशन होगा।
रोप-वे निर्माण में सरकारी के साथ ही निजी जमीन का भी अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रसासन ने 173 करोड़ रुपये और जनसुविधाओं की लाइन को शिफ्ट करने के लिए 28 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। शासन ने इस बजट प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए पहली किस्त जारी करने की पहल भी कर दी है। बजट जारी होने के बाद कैंट से गोदौलिया के बीच सड़क के नीचे से गुजर रही पानी, बिजली सहित अन्य लाइन को शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
इन जगहों से होकर गुजरेगा 3.75 किमी लंबे रोप-वे
ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) सर्वे में जलकल, स्मार्ट सिटी, गेल, जल निगम, बीएसएनएल और बिजली विभाग के निर्माण को चिह्नित किया गया है। इसके अलावा कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौराहे तक 3.75 किमी लंबे रोप-वे निर्माण के लिए 1.59 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण के लिए चिह्नित की गई है। 1.59 हेक्टेयर चिह्नित जमीन में निजी 0.96 हेक्टेयर और सरकारी 0.63 हेक्टेयर है। सर्किट रेट से तय मुआवजा के आधार पर निजी जमीन पर 72 करोड़ रुपये और सरकारी जमीन पर 101 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कैंट, भारतमाता मंदिर, बेसेंट थियेसोफिकल सोसाइटी रथयात्रा, गिरिजाघर और गोदौलिया चौराहे पर स्टेशन और 30 टॉवर बनाए जाने हैं। भारत माता मंदिर परिसर में 3600, बीटीएस में 4000, कैंट स्टेशन और गोदौलिया चौराहे पर 3000 वर्ग मीटर जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
मार्च में शुरू होगा रोप-वे का काम
मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा के अनुसार रोप-वे परियोजना में जमीन अधिग्रहण के लिए 173 करोड़ रुपये और जनसुविधाओं की लाइन शिफ्ट करने के लिए 28 करोड़ रुपये के बजट को शासन से मंजूरी मिल गई है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह धनराशि जारी हो जाएगी। जनसुविधाओं की शिफ्टिंग और जमीन अधिग्रहण फरवरी तक करने का लक्ष्य है और मार्च में रोपवे का काम शुरू हो जाएगा।

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