विधायक डॉ रागिनी सोनकर ने स्वास्थ्य सुविधा मामले में सरकार को घेरा


 विधायक डॉ रागिनी सोनकर ने स्वास्थ्य सुविधा मामले में सरकार को घेरा

प्रतिवर्ष बढ़ रहे हैं दो लाख कैंसर मरीज, फ्री में हो इलाज

मरीज के अनुपात में न तो डॉक्टर न हीं बेड उपलब्ध

जौनपुर मेडिकल कालेज की व्यवस्था पर उठाया सवाल

असुविधा के कारण सड़क दुर्घटना में मृत्यदर बढ़ी

आइडियल इंडिया न्यूज़
डा सुनील कुमार जौनपुर

जौनपुर। उप्र विधानसभा के मानसूत्र सत्र के पहले दिन सोमवार को विधानसभा में मछलीशहर विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने स्वास्थ्य विभाग के मामले में सरकार को जमकर घेऱा। स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री पर कई सवाल दागे। कैंसर मरीजों के सुविधा के सवाल पर सरकार की जमकर खिंचाई की। कहा कि कैंसर के 16 लाख मरीज उप्र में हैं। इसमें प्रतिवर्ष दो लाख मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस कारण पूरे देश में उप्र प्रदेश असुविधा और अव्यवस्था के कारण टॉप पर है। उन्होंने कहा कि गरीब मरीजों के पास पैसा नहीं है कि वह अपना इलाज करा सके। ऐसे में मरीजों का सरकारी और प्राइवेट हास्पिटल में पीपीपी माडल के माध्यम से मुफ्त इलाज कराया जाए। उन्होंने यह भी पूछा कि सरकार द्वारा गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए कौन-कौन सी योजनाएं बनाई गई हैं ? उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को सवालों में घेरते हुए कहा कि पिछले ढाई सालों में इनके द्वारा बस यही बताया जा रहा है कि हमने इतने अस्पताल, इतने मेडिकल कालेज, इतनी डाईलिसिस की मशीन, इतने एम्बुलेंस दिए, लेकिन बात अगर जौनपुर के मेडिकल कालेज की देखी जाए तो वहां की बिल्डिंग की गुणवत्ता इतनी खराब है कि उसकी लाइफ नहीं है। भवन बनने के बाद उसकी दीवारें दरक रही हैं।

विधायक रागिनी सोनकर ने जौनपुर मेडिकल कॉलेज की खस्ताहालत को बयां करते हुए कहा कि डॉक्टर मरीजों को क्या ठीक करेंगे, वहाँ तो डॉक्टर्स भी बीमार पड़ते जा रहे हैं। सीवर और बरसाती पानी के साथ गंदगी के कारण डॉक्टरों का बुरा हाल है। प्रदेश में मरीज के अनुपात में न तो डॉक्टर हैं न आईसीयू बेड, वेंटिलेटर हैं और न ही वह सुविधाएं हैं जो उन मरीजों का इलाज कर सकें। इससे सड़क दुर्घटना में मरीजों की मृत्यदर बढ़ रही है। मजेदार बात तो यह है कि विधायक रागिनी सोनकर ने सवाल कैंसर मरीजों की किया तो स्वास्थ्य विभाग का प्रभार देख रहे उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उस सवाल को आयुष्मान कार्ड और मुख्यमंत्री सहायता कोष से जोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि गरीब मरीज विधायक तक नहीं पहुंच पाते तो मुख्यमंत्री सहायता कोष तक कैसे पहुंचेंगे। इतना ही नहीं वह गंभीर रोग को टीबी मरीजों से जोड़कर सरकार का गुणगान कर अपने सरकार की उपलब्धियां गिनाने लगे। > 

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