*पैरा लीगल वालंटियर और पैरालीगल लीगल एडवोकेट के साथ मानव तस्करी विरोधी कानूनों और प्रक्रियाओं पर जागरूकता*
आइडियल इंडिया न्यूज़
ब्यूरो डेस्क भदोही
भदोही! ज्ञानपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान तथा न्याय नेटवर्क के सहयोग से भदोही जिले में पैरा लीगल वालंटियर और पैरा लीगल एडवोकेट के साथ मानव तस्करी विरोधी कानून और प्रक्रियाओं पर जागरूकता कार्यक्रम किया गया जिसमें पटना से आए हुए संभव गुप्ता द्वारा बताया गया कि मानव व्यापार में सबसे अधिक महिलाओं का व्यापार होता है और उसमें भी नाबालिक लड़कियों का व्यापार अधिक होती है और फिर भी सभी से देव व्यापार के धंधे में लगा दिया जाता है जिससे कि थाने में इसकी FIR जल्द दर्ज नहीं होती है अगर होता है तो जानकारी के अभाव में सही धाराएं नहीं लग पाती हैं जिसमें मानव व्यापार की धारा 143 भारतीय न्याय संहिता में लगाया जाता है जिसमें की किसी को खरीदना या बेचना इसमें शामिल होता है इसकी क्रिया है कि एक स्थान से दूसरे स्थान को स्थानांतरित करना इसका तरीका है बाहर आप फुसलाकर मानव व्यापार करना इसका उद्देश्य होता है पैसा कमाना अगर यह तीन चीज पाया जाता है तो मानव व्यापार होता है जब 18 वर्ष के नीचे बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न होता है तो पास को लग जाता है लेकिन और उसमें जो धाराएं लगा चाहिए जानकारी के भाव में धारा नहीं लग पाती है जिसमे भदोही जिले की जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री निवेदिता अस्थाना जी ने कहा कि जो बच्चियों को कही से बहला फुसलाकर लाते है उन पर कड़ी निगरानी करनी है जो लड़कियों को बिहार उड़ीसा नेपाल से लाई जाती हैं उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता बनाया गया है।
वर्तमान समय में हथियार का तस्करी ,ड्रग्स का तस्करी का डिमांड होता ही तो था अब महिलाओं और पुरुषों का भी मार्केटिंग में तेजी से हो गया है जिसमें बच्चियों को भला कर शादी का झांसा देना प्यार का झांसा देना बच्चियों को ले जाकर के वेश्यालय में भेज देना, जब तक मानव तस्करी की धारा नहीं लगेगा तब तक इसे कैसे रोका जाए सरकार द्वारा चाइल्ड लेबर का जो एक्ट होता है उसमें 14 वर्ष के नीचे वाले बच्चों वह धारा नहीं लग पाती है। जिसमे कुछ PLV ने बताया कि इसमें सबसे ज्यादा गुमशुदगी में केस दर्ज हो जाती है लेकिन 4 माह के बाद अगर पता नहीं होता है तो यह अपने आप ह्यूमन ट्रैफिकिंग में केस दर्ज हो जाता है और इसे AHTU प्रभारी के पास ट्रांसफर हो जाता है जिसमें हरियाणा में बच्चियों को जन्म नहीं होने देते हैं तो वहां के लोग अपना वंश चलाने के लिए बिहार उत्तर प्रदेश में आकर की बच्चियों से शादी करके ले जाते हैं और बच्चा पैदा करने के बाद लड़की को दूसरे परिवार में दे दिया जाता है मानव व्यापार पूरे देश में फैला हुआ है और इसे कमाने के लिए लोग अरब देशों में भी ले जाते हैं ऐसे लोगों को पास पासपोर्ट बनवाने के लिए 15 घंटे के अंदर ही बन जाता है जिसमें संस्था से डॉ राजकुमार कुशवाहा ने बताया कि यदि आप लोगों के पास ऐसा भी कोई केस मिलता है तो आप लोग तुरंत AHTU प्रभारी से संपर्क करके उसे FIR दर्ज कर सकते हैं। और इसी क्रम में मनोज कुमार पाल द्वारा सभी आए हुए पैरा लीगल वालंटियर और पैरा लीगल एडवोकेट का सादर आभार व्यक्त करते हुए बैठक को समाप्त किया गया जिसमें संस्था से बृजेश कुमार, राजीव कुमार,मंजय और अजय यादव मौजूद रहे।

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